मेरी तमन्ना-My desire

दोस्तो , पिछली कविता "उजड़े-गाव" को मिले आपके अपार प्यार के लिए आपका धन्यवाद...

मेरी नई कविता "मेरी तमन्ना-My desire" एक कहानी है ,हर उस नोजवान की जो अपने सपनो की दुनिया खोजता है, जो सपने देखता है और अपने सपनो को सच करने का संघर्ष करता है, और पल पल ,,हर पल आपने दिल से क्या कहता रहता है, वो आपके सामने है



"मेरी तमन्ना-My desire"


जहाँ हवा बसंती बहती हैं, जहाँ खुशियाँ करकल करती रहती हैं

जहाँ गीत फिजायँ गाती हैं, जहाँ कलियाँ भवरों संग बह जाती हैं


ले चल ए मॅन बावरे तू मुझे वहाँ पर


जहाँ दुख दर्द सभी का साझा हो,

दूसरो को पछाड़ने का ना कोई तक़ाज़ा हो

इंसान जहाँ का सीधा-साधा हो,

ना टूटता किसी का वादा हो,


ले चल ए मॅन बावरे तू मुझे वहाँ पर


जहाँ आफताब शितिज से मिलता हो

सरे जमाने जहाँ निर्मलता हो

जहाँ हर फ़ानूस पर काम हो

हर कामगार को मिलता सही दाम हो


ले चल ए मॅन बावरे तू मुझे वहाँ पर


जहाँ मदहोश घ्टाएँ छाती हो,

जहाँ सचे हमनवां साथी हो

जहाँ कॅलम की साची लिखावट हो

जहेन मे बसी सचाई की बनावट हो


ले चल ए मॅन बावरे तू मुझे वहाँ पर


जहाँ ना च्काचोन्द वीरनीयाँ हो

जहाँ ना डकी हुई हेरआनीयाँ हो

कॅलम के नाम पर ना कोई बहेरिया हो

सेव्च्नद लिख सकता जहाँ “अमीरिया” हो


मेरे मॅन बावरे..

ले चल तू मुझे वहाँ पर.............


Dev Lohan-Amireaa

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